मकर सक्रांति -
हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति को बहोत शुभ माना जाता है। इस दिन दान पुण्य करना भी अत्यन्त शुभ माना गया है। इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रस्थान करते है अर्थात सूर्य उतर की ओर बढ़ने लगता है । मकर संक्रांति पर्व के बाद से मौसम परिवर्तन होना शुरू हो जाता है।
कब मनाया जायेगा मकर संक्रांति -
इस साल 2023 में मकर सक्रांति 15 जनवरी को होगा
। दिन रविवार को होगा। यह दिन हिंदुओं के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन कई भव्य आयोजन होता है। स्नान ध्यान दानपुन्य मुख्य रूप से होता है।
हिंदू धर्म में मकर सक्रांति की क्या मान्यता है-
इस दिन स्नान करना बहुत पुण् माना जाता है
और साथ में दान भी किया जाता है। इस दिन कई शहरों में नदियों के किनारे मेला का आयोजन होता है। इसमें प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु स्नान करके पुण्य उठाते हैं । ऐसा माना जाता है कि इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं अतः इस दिन को मकर सक्रांति के रूप में मनाया जाता है। इस दिन तेल खिचड़ी आदि का दान करना शुभ माना जाता है।
कब है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त-
इस वर्ष मकर सक्रांति का शुभ मुहूर्त 15 जनवरी की रात सुबह 6:40 पर शुरू होगा पुण्य काल और शाम को 5:40 पर खत्म होगा। और महा पुण्य काल सुबह 7:00 बजे शुरू होकर 9:00 खत्म हो जाएगा । इस समय के दौरान स्नान करना पुण्य माना जाता है
मकर संक्रांति के दिन पूजा कैसे करें -
सुबह उठकर पुण्य मुहूर्त में या महा पुण्य मुहूर्त में स्नान करके भगवान सूर्यनारायण को एक लोटा जल अर्ध रूप में समर्पण करें । गुड़ तिल आदि का दान करें । भगवत गीता के श्लोक का पठन करें । नए अन्न का बना खिचड़ी का सेवन करें। गरीब लोगों को कपड़ों और बर्तनों का दान करें।
उपाय जो मकर सक्रांति में अवश्य करे-
स्नान करने वाले पानी में काले तिल को अवश्य मिलाएं यह अत्यंत शुभ माना जाता है।
भगवान सूर्य को जल अर्पण करें उसमें काले तिल को अवश्य मिलाएं।
गरीब लोगों को गर्म कपड़े तेल गुड़ चावल आदि का दान करें अत्यंत शुभ माना जाता है।
पित्र मुक्ति के लिए सूर्य को देने वाले अर्ग के जल में काला तिल को मिलाना है अत्यंत शुभ माना जाता है।
स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पण करते समय सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
पूजा पश्चात ने अन्य से बने खिचड़ी का सेवन करना चाहिए इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
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